एक गृहिणी शिक्षिका और उनके एक छात्र की माँ कक्षा में घंटों के बाद आमने-सामने होती हैं, लेकिन अनुशासन को लेकर उनका विवाद कुछ ऐसा मोड़ लेता है जिसकी उन्होंने योजना भी नहीं बनाई थी, और बेटी दरवाजे से जमी हुई सब देखती रहती है।
एक गृहिणी शिक्षिका और उनके एक छात्र की माँ कक्षा में घंटों के बाद आमने-सामने होती हैं, लेकिन अनुशासन को लेकर उनका विवाद कुछ ऐसा मोड़ लेता है जिसकी उन्होंने योजना भी नहीं बनाई थी, और बेटी दरवाजे से जमी हुई सब देखती रहती है।