एक शांत दोपहर तब तहस-नहस हो जाती है जब एक दबदबा बनाने वाला घुसपैठिया सामने आता है, जो मिहोशी को तीव्र और गैर-सहमति वाले यौन कृत्यों की एक श्रृंखला के लिए मजबूर करता है। यह मुठभेड़ दोनों महिलाओं को उनकी सीमाओं तक धकेल देती है, जिसका अंत व्याकुलता, थकावट और शारीरिक अतिप्रवाह की स्थिति में होता है।