दो लड़कियां जो कभी भी अपनी भावनाओं को पूरी तरह व्यक्त नहीं कर पातीं, वे अंततः अपने शरीरों को बोलने देती हैं। आँखों पर पट्टी बँधी और साँसें थमी हुई, ईमानदारी एक-एक कर निकलती आहों के साथ सामने आती है। मूल शीर्षक: 素直になれない二人の夜 (Sunao ni Narenai Futari no Yoru)।






